Muzaffarpur : जिले के पारू प्रखंड में नारायणी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और तटबंध टूटने से स्थिति विकराल बनी हुई है। इसी बीच पारू के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री बांटकर लौट रहे 27 लोगों की जान अचानक गंडक की तेज धार में फंस गई। देर शाम वापसी के दौरान मोटर बोट में आई तकनीकी खराबी के कारण सभी लोग चारों तरफ पानी से घिरे एक टापू/स्थान पर फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही 9वीं वाहिनी NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम ने रात के सन्नाटे में साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी 27 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
राहत सामग्री बांटकर लौटते समय गंडक की धार में बंद हुई मोटर बोट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पारू और साहेबगंज प्रखंड के जलमग्न गांवों में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयंसेवी आगे आ रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार देर शाम लगभग 27 लोग एक मोटर बोट के जरिए गंडक नदी के पार स्थित बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री का वितरण करने गए थे।
वापस लौटते समय नदी के बीचों-बीच अचानक बोट में तकनीकी खराबी आ गई। देखते ही देखते नाव पानी की तेज धार के साथ बहकर एक ऐसे स्थान पर अटक गई, जो चारों तरफ से उफनती गंडक नदी से घिरा हुआ था। अंधेरा होने और नदी के बढ़ते प्रवाह के कारण सवार लोगों की जान पर आफत आ गई।
पारू सीओ की सूचना पर 30 सदस्यीय NDRF टीम ने संभाली कमान
बोट फंसने की खबर मिलते ही अंचलाधिकारी (CO) पारू ने तुरंत NDRF की 9वीं वाहिनी को मामले की जानकारी दी। आपदा की गंभीरता को देखते हुए टीम कमांडर इंस्पेक्टर कृष्ण मुरारी शर्मा और सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार यादव (2IC) के नेतृत्व में 30 सदस्यीय प्रशिक्षित बचावकर्मियों की विशेष टीम आधुनिक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
चैलेंजिंग कंडीशन में चक्की और फतेहाबाद से लॉन्च की गईं रेस्क्यू बोट्स
NDRF की टीम ने परिस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए गंडक नदी स्थित चक्की, सोहागपुर, फतेहाबाद और पारू प्रखंड तटों से अपनी उच्च क्षमता वाली रेस्क्यू बोट्स लॉन्च कीं। रात के अंधेरे और नदी की बेहद तेज धारा के बीच बचाव टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जोखिम भरा ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम फंसे हुए लोगों तक पहुंची और एक-एक कर सभी 27 लोगों को सुरक्षित अपनी नावों में बैठाकर किनारे ले आई।
ग्रामीणों और परिजनों ने NDRF का जताया आभार
सभी 27 लोगों के सकुशल बाहर निकलने के बाद फंसे हुए लोगों के परिजनों, ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन ने NDRF की त्वरित कार्रवाई और समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। 9वीं वाहिनी NDRF ने एक बार फिर चुनौतीपूर्ण और विषम परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देकर जन-जीवन की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है।
